सर एलेक्स फर्ग्युसेन की मैनचेस्टर यूनाइटेड को अवे गोल के आधार पर हराकर फाइनल में पहुंची लेवरकुसेन के हौंसले बुलंद थे। दूसरी तरफ रियल मैड्रिड की टीम घरेलू प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना को 3-1 से हराकर फाइनल में आई थी।
मैच के आठवें मिनट में राउल ने गोल कर रियल मैड्रिड को 1-0 की लीड दिलाई। इसके 5 मिनट बाद ही लेवरकुसेन के डिफेंडर लूसियो ने स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। जल्दी-जल्दी दो गोल होने के बाद दोनों ही टीम्स मिले मौकों को भुना नहीं पा रही थी।
लेवरकुसेन के डिफेंडर उनके साथ-साथ ही भाग रहे थे लेकिन कार्लोस की स्पीड उनसे तेज थी और वह सोलारी द्वारा उछाली गई बॉल तक लेवरकुसेन के डिफेंडर से पहले पहुंच गए। कार्लोस बॉल तक तो पहुंच गए लेकिन उनके पास उसे कंट्रोल करने का जरा भी मौका नहीं था। कार्लोस ने लगभग भागते-भागते ही बॉल को अपनी टांग से लेवकुसेन के बॉक्स में उछाल दिया।
पांच साल बाद उन्हें अपना पहला प्लेयर्स लाइसेंस मिला जब ज़िदान ने एक लोकल क्लब की जूनियर टीम जॉइन की।
ज़िदान को 14 साल की उम्र में बड़ा ब्रेक मिला जब AS कांस के स्काउट जीन वराउड ने उसका खेल देखकर क्लब को उसे ट्राई करने की सलाह दी। 6 दिन के लिए कांस आए ज़िदान पूरे 4 साल बाद क्लब से निकले।
क्लब में अपने टाइम के दौरान ज़िदान को गुस्सा बहुत आता था और अक्सर उसे सज़ा के तौर पर सफाई करनी पड़ती थी।
अपने परिवार या ओरिजिन का मज़ाक बनाने वालों को पीट देना ज़िदान के लिए लगभग रोज की बात थी। उनके शुरुआती कुछ हफ्ते तो सिर्फ सफाई करने में बीते क्योंकि उन्होंने अपने ओरिजिन का मजाक उड़ाने वाले एक विपक्षी प्लेयर को मैदान पर ही धो दिया था।
18 मई 1989 को कांस के लिए डेब्यू करने वाले ज़िदान ने 10 फरवरी 1991 को क्लब के लिए पहला गोल किया जिसके लिए क्लब के चेयरमैन ने उसे एक कार गिफ्ट की। 1992-93 सीजन में ज़िदान बोर्डाओ आ गए जहां उन्होंने कमाल का प्रदर्शन कर पूरी दुनिया के बड़े क्लब्स का ध्यान अपनी तरफ खींचा।
1996 में ज़िदान इटैलियन चैंपियन युवेंटस आए जहां उन्होंने कई टाइटल्स जीते। हालांकि ज़िदान का गुस्सा अभी भी वैसा ही था और चैंपियंस लीग के एक गेम में हैमबर्गर SV के प्लेयर जोकेन कींज को अपने सर से ठोकर मारने के चलते उनपर पर कुछ मैचों का बैन लगा दिया गया। युवेंटस के साथ फीफा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर और बैलन डे ऑर जैसे अवॉर्ड्स जीतने के बाद ज़िदान रियल मैड्रिड आ गए।
फुटबॉल की दुनिया में चुपचाप एंट्री कर धमाकेदार नाम बनाने वाले ज़िदान की फुटबॉल से विदाई बहुत अच्छी नहीं रही। ज़िदान ने इटली के खिलाफ 2006 वर्ल्ड कप के फाइनल में मार्को मैट्टराजी को हेडबट कर रेड कार्ड खाकर अपने चमकदार करियर का बुरा अंत किया।
हाल ही में ज़िदान ने रियल मैड्रिड के मैनेजर की पोस्ट से इस्तीफा दिया है जहां उन्होंने लगभग तीन सीजन्स में क्लब को 3 चैंपियंस लीग के साथ ही तमाम अन्य ट्रॉफियां भी जिताई थीं।
ब जाते-जाते आपको ज़िदान के बारे में कई फेमस कोट्स में से अपना फेवरेट कोट पढ़ाना चाहूंगा - 'मुझे लगता है कि वह अपने पैरों पर फुटबॉल लेकर पैदा हुआ था। मुझे लगता है कि डॉक्टर ने उसे निकालते ही बोला होगा, ओह यह थोड़ा अजीब है लेकिन यहां एक फुटबॉल है।' - इमैनुएल पेटिट, चेल्सी, आर्सनल और फ्रेंच लेजेंड
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