ब्राज़ील की टीम फ्लामेंगो से खेल रहे ब्राज़ीली फुटबॉलर ऑर्थर अंतुनेस कोइम्ब्रा के पास इटली के बड़े क्लब्स AS रोमा और AC मिलान से ऑफर्स थे। फ्लामेंगो की अकैडमी से उठकर टीम के सबसे जरूरी प्लेयर के रुतबे तक पहुंचे ऑर्थर का मन ब्राज़ील छोड़ने का तो था लेकिन वह इन दोनों जाएंट्स के साथ नहीं जाना चाहते थे। इटली मूव के लिए तैयार ऑर्थर के पास सेरी ए की एक छोटी टीम उडिनेसे से 4 मिलियन डॉलर का ऑफर आया और ऑर्थर इस मूव के लिए तैयार हो गए।
ब्राज़ील और वर्ल्ड फुटबॉल में लेजेंडरी स्टेटस बना चुके ऑर्थर द्वारा रिजेक्ट किए जाने से भन्नाए इटैलियन जाएंट्स ने इस डील को रोकने के लिए दांव-पेंच लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने इस अमाउंट को लेकर FIGC (इटैलियन फुटबॉल फेडरेशन) पर प्रेशर बनाकर फाइनैंशियल गारंटी का बहाना मारकर डील ब्लॉक करवा दी। एक बड़े प्लेयर को अपने यहां आने से रोके जाने ने इटली के उडिने शहर में बवाल मचवा दिया।
लोग सड़कों पर निकल आए। हाथ में तख्ती-बैनर लिए लोगों से सड़कें और गलियां पट गईं। ये लोग इटैलियन फेडरेशन और फेडरल गवर्नमेंट का विरोध कर रहे थे। उडिने के पुराने इतिहास, जिसमें उडिने पर ऑस्ट्रिया का राज था, को याद दिलाकर नारे लगाए जा रहे थे 'O Zico, O Austria- ज़िको या ऑस्ट्रिया'। लोगों का गुस्सा देख सरकार और फेडरेशन को झुकना पड़ा और डील को पूरा करने की अनुमति दी गई।
फ्लेमेंगो फैंस को उदासी में छोड़कर ऑर्थर फ्रिउलिएंस (फ्रिउली नॉर्थ-ईस्ट इटली का एक इलाका है जिसकी अपनी अलग सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है और उडिने भी उस इलाके में आता है) फैंस की आंखों में अच्छे दिनों का सपना देने निकल पड़े।
1983-84 में अपने पहले सेरी ए सीजन में ऑर्थर ने फ्रैंको काउसिओ के साथ बेहतरीन पार्टनरशिप की और उनका तालमेल देखकर उडिनेसे फैंस को उम्मीद जगी कि इस सीजन उनकी टीम बेहतर करेगी। युवेंटस और रोमा जैसे दिग्गज क्लब ऑर्थर की काफी इज्जत करने लगे थे और ऐसा होना निश्चित तौर पर गर्व की बात थी। हालात यहां तक थे कि ऑर्थर की फ्री-किक्स पर टीवी पर डिबेट्स होती कि कैसे उन्हें रोका जाए।
हालांकि ऐसे जबरदस्त प्रदर्शन के बावजूद उडिनेसे के लिए सीजन बेकार ही रहा। पिछले सीजन से लगभग दोगुने गोल्स करने के बाद भी क्लब सिर्फ 32 पॉइंट्स बटोर सका और फाइनल स्टैंडिंग्स में नौवें नंबर पर रहा। पिछले सीजन में क्लब ने छठे नंबर पर फिनिश किया था।
दूसरी तरफ ऑर्थर ने लीग के टॉप गोलस्कोरर्स की रेस में युवेंटस के लेजेंड माइकल प्लातिनी को कड़ी टक्कर दी। सीजन खत्म होने पर ऑर्थर के नाम 19 गोल्स थे तो प्लातिनी के नाम पर 20, जबकि चोट के चलते ऑर्थर ने प्लातिनी से चार मैच कम खेले थे। ज़िको ने इस साल प्रतिष्ठित वर्ल्ड सॉकर मैग्ज़ीन का 1983 के लिए प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड भी जीता।
ऑर्थर का अगला सीजन काफी विवादों से घिरा रहा। इस दौरान उसे चोटों से तो जूझना ही पड़ा साथ ही उसने रेफरियों पर खुलेआम आरोप लगाए। इतना ही नहीं ऑर्थर ने अपने क्लब उडिनेसे को महत्वाकांक्षा हीन बता दिया। ऑर्थर का कहना था कि क्लब अच्छे प्लेयर्स को साइन नहीं कर रहा जिससे टीम उस पर कुछ ज्यादा ही डिपेंड हो जाती है।
इसी सीजन में इटैलियन टैक्स ऑफिशियल्स ने ऑर्थर पर टैक्स चोरी के इल्जाम लगाए और फिर डिएगो माराडोना की नापोली के खिलाफ किया गया बेहतरीन प्रदर्शन उडिनेसे के लिए ऑर्थर का आखिरी मैच साबित हुआ।ऑर्थर वापस फ्लेमेंगो लौट आया।
ज़िको के नाम से फेमस ऑर्थर अंतुनेस कोइम्ब्रा फ्लामेंगो, ब्राज़ील और वर्ल्ड फुटबॉल में लेजेंड का दर्जा रखते हैं। उनकी काबिलियत के चलते उन्हें व्हाइट पेले के निकनेम से भी बुलाया जाता है। ज़िको ने तीन सीजन तक इंडियन सुपर लीग की टीम FC गोवा को कोचिंग भी दी है। साल 1953 में तीन मार्च यानि कि आज ही के दिन उनका जन्म ब्राज़ील के रियो डी जेनेरो शहर में हुआ था। ज़िको को जापान में 'गॉड ऑफ फुटबॉल' भी कहा जाता है।
90 मिनट्स परिवार की तरफ से ज़िको को हैप्पी बर्थडे।
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