Wednesday, 3 October 2018

We want to have fun, so stop firing your guns

8 अक्टूबर 2005, सूडान के एल मेरीख स्टेडियम के अवे ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल था। अफ्रीका के एक छोटे से देश आइवरी कोस्ट ने अभी थोड़ी ही देर पहले होम टीम को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप में खेलने की योग्यता हासिल की थी। साल 2006 के वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई करने के बाद टीम जश्न मना रही थी और इसी बीच कैप्टन साइरिल डोमोरौड ने प्रेस को ड्रेसिंग रूम में बुला लिया।

प्रेस के अंदर आने के बाद साइरिल ने उनसे माइक लेकर टीम के स्टार स्ट्राइकर दिदिएर द्रोग्बा को पकड़ा दिया और इसी के साथ द्रोग्बा आइवरी कोस्ट नेशनल टीवी पर लाइव थे। पूरी टीम द्रोग्बा के साथ खड़ी थी, प्लेयर्स एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर खड़े थे।

Chelsea v Sunderland - Premier League

द्रोग्बा ने बोलना शुरू किया, 'आइवरी कोस्ट के पुरुष और महिलाओं। उत्तर, दक्षिण, केंद्र और पश्चिम के लोगों, आज हमने प्रूव कर दिया कि सभी आइवरियन एक साथ रह सकते हैं और एक साथ खेल सकते हैं। एक लक्ष्य- 'वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई करना है' के लिए। हमने आपसे वादा किया था कि यह जश्न लोगों को एक करेगा। आज, हम आपसे भीख मांगते हैं, प्लीज- अपने घुटनों पर झुककर- माफ कर दो। माफ कर दो, माफ कर दो।

अफ्रीका का एक देश जिसके पास बहुत सारी संपदा है को ऐसे युद्ध में नहीं उतरना चाहिए। प्लीज, सारे हथियार रख दीजिए। चुनाव कराइए, सब ठीक हो जाएगा।' इतना बोलने के बाद सारे प्लेयर्स अपने पैरों पर खड़े हुए, चेहरों पर बड़ी सी मुस्कान के साथ उन्होंने गाना शुरू किया, 'हमें मजे करने हैं, इसलिए अपनी बंदूकों से गोली चलाना बंद करो। We want to have fun, so stop firing your guns.'


साल 2002 में शुरू हुए आइवरी कोस्ट के सिविल वॉर ने देश का बुरा हाल कर दिया था। हालात ये थे कि जो लोग इस बात का सबूत नहीं दे पा रहे थे कि उनके माता-पिता आइवरी कोस्ट में पैदा हुए थे उन्हें ऑफिशियल नेशनैलिटी से वंचित कर दिया जा रहा था। इस मैच के शुरू होने से पहले तक इस सिविल वॉर में लगभग 4000 लोग मारे जा चुके थे जबकि दस लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।

द्रोग्बा की इस स्पीच के बाद सिविल वॉर में शामिल सभी पक्षों ने युद्धविराम की घोषणा की और शांति के लिए बातचीत फिर से शुरू हुई। बातचीत धीरे-धीरे सही दिशा में गई और अंततः 4 मार्च 2007 को आइवरी कोस्ट का सिविल वॉर खत्म हुआ। द्रोग्बा फुटबॉल लेजेंड होने के साथ ही अपने देश और पूरे अफ्रीका में आइकॉन माने जाते हैं।

Chelsea's Ivorian forward Didier Drogba

द्रोग्बा ने साल 2009 के आखिर में पेप्सी के साथ एंडोर्समेंट डील साइन की थी जिसके लिए उन्हें 3 मिलियन पौंड की रकम मिली थी। यह रकम द्रोग्बा ने अपने होमटाउन में अस्पताल बनाने के लिए दान कर दी थी। यह काम द्रोग्बा की अपनी फाउंडेशन 'दिदिएर द्रोग्बा फाउंडेशन' के जरिए हुआ था।

द्रोग्बा के क्लब चेल्सी ने भी डील में मिली रकम को दिदिएर द्रोग्बा फाउंडेशन को दान करने की घोषणा की थी। आइवरी की राजधानी एबिद्जान के हॉस्पिटल्स के दौरे के बाद द्रोग्बा ने तय किया था कि वह वहां पर एक अस्पताल बनाएंगे।

Ivorian forward Didier Drogba (L) is con
इस बारे में द्रोग्बा ने कहा, 'मैंने तय किया कि फाउंडेशन का पहला प्रोजेक्ट एक अस्पताल का निर्माण और फंडिंग होना चाहिए जिससे लोगों को बेसिक हेल्थकेयर और जिंदा रहने का मौका मिले।'

नवंबर 2014 में द्रोग्बा फीफा की '11 अगेंस्ट इबोला' कैम्पेन में भी दिखे थे। इसमें उनके साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार, गारेथ बेल और ज़ावी जैसे फुटबॉलर्स भी थे। इसका स्लोगन था, 'एक साथ मिलकर हम इबोला को हरा सकते हैं।'

FBL-ENG-PR-CHELSEA-SUNDERLAND
कुछ सोर्सेज का दावा है कि द्रोग्बा ने पांच साल की उम्र में आइवरी कोस्ट छोड़ दिया था। कहते हैं कि उनका परिवार बेहद गरीब था और उन्हें फ्रांस में उनके अंकल के पास भेज दिया गया था जो कि प्रोफेशनल फुटबॉलर थे और उन्हीं के जरिए द्रोग्बा का फुटबॉल से पहला परिचय हुआ था। 11 मार्च 1978 को आइवरी कोस्ट में पैदा हुए द्रोग्बा प्रीमियर लीग क्लब चेल्सी के साथ काफी सफल रहे हैं।

द्रोग्बा प्रीमियर लीग में 100 या उससे ज्यादा गोल दागने वाले पहले अफ्रीकी प्लेयर हैं। द्रोग्बा अभी भी चेल्सी के टॉप गोलस्कोरर्स की लिस्ट में चौथे नंबर पर आते हैं। 40 साल के द्रोग्बा अभी अमेरिका की फुटबॉल लीग के सेकंड टियर में फीनिक्स राइजिंग FC के लिए खेलते हैं और वह टीम के को-ऑनर भी हैं। हाल ही में उन्होंने कहा है कि यह प्रोफेशनल फुटबॉलर के रूप में उनका आखिरी सीजन होगा।

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