8 अक्टूबर 2005, सूडान के एल मेरीख स्टेडियम के अवे ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल था। अफ्रीका के एक छोटे से देश आइवरी कोस्ट ने अभी थोड़ी ही देर पहले होम टीम को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप में खेलने की योग्यता हासिल की थी। साल 2006 के वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई करने के बाद टीम जश्न मना रही थी और इसी बीच कैप्टन साइरिल डोमोरौड ने प्रेस को ड्रेसिंग रूम में बुला लिया।
अफ्रीका का एक देश जिसके पास बहुत सारी संपदा है को ऐसे युद्ध में नहीं उतरना चाहिए। प्लीज, सारे हथियार रख दीजिए। चुनाव कराइए, सब ठीक हो जाएगा।' इतना बोलने के बाद सारे प्लेयर्स अपने पैरों पर खड़े हुए, चेहरों पर बड़ी सी मुस्कान के साथ उन्होंने गाना शुरू किया, 'हमें मजे करने हैं, इसलिए अपनी बंदूकों से गोली चलाना बंद करो। We want to have fun, so stop firing your guns.'
साल 2002 में शुरू हुए आइवरी कोस्ट के सिविल वॉर ने देश का बुरा हाल कर दिया था। हालात ये थे कि जो लोग इस बात का सबूत नहीं दे पा रहे थे कि उनके माता-पिता आइवरी कोस्ट में पैदा हुए थे उन्हें ऑफिशियल नेशनैलिटी से वंचित कर दिया जा रहा था। इस मैच के शुरू होने से पहले तक इस सिविल वॉर में लगभग 4000 लोग मारे जा चुके थे जबकि दस लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।
द्रोग्बा की इस स्पीच के बाद सिविल वॉर में शामिल सभी पक्षों ने युद्धविराम की घोषणा की और शांति के लिए बातचीत फिर से शुरू हुई। बातचीत धीरे-धीरे सही दिशा में गई और अंततः 4 मार्च 2007 को आइवरी कोस्ट का सिविल वॉर खत्म हुआ। द्रोग्बा फुटबॉल लेजेंड होने के साथ ही अपने देश और पूरे अफ्रीका में आइकॉन माने जाते हैं।
द्रोग्बा ने साल 2009 के आखिर में पेप्सी के साथ एंडोर्समेंट डील साइन की थी जिसके लिए उन्हें 3 मिलियन पौंड की रकम मिली थी। यह रकम द्रोग्बा ने अपने होमटाउन में अस्पताल बनाने के लिए दान कर दी थी। यह काम द्रोग्बा की अपनी फाउंडेशन 'दिदिएर द्रोग्बा फाउंडेशन' के जरिए हुआ था।
द्रोग्बा के क्लब चेल्सी ने भी डील में मिली रकम को दिदिएर द्रोग्बा फाउंडेशन को दान करने की घोषणा की थी। आइवरी की राजधानी एबिद्जान के हॉस्पिटल्स के दौरे के बाद द्रोग्बा ने तय किया था कि वह वहां पर एक अस्पताल बनाएंगे।
इस बारे में द्रोग्बा ने कहा, 'मैंने तय किया कि फाउंडेशन का पहला प्रोजेक्ट एक अस्पताल का निर्माण और फंडिंग होना चाहिए जिससे लोगों को बेसिक हेल्थकेयर और जिंदा रहने का मौका मिले।'
नवंबर 2014 में द्रोग्बा फीफा की '11 अगेंस्ट इबोला' कैम्पेन में भी दिखे थे। इसमें उनके साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार, गारेथ बेल और ज़ावी जैसे फुटबॉलर्स भी थे। इसका स्लोगन था, 'एक साथ मिलकर हम इबोला को हरा सकते हैं।'




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