Sunday, 7 October 2018

15-11-12 और फ्रेंड्स अरेना = इन्क्रेडिबल! इन्क्रेडिबल ज़्लाटान इब्राहिमोविच

7 दिसंबर 2009 को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में पुराने फुटबॉल स्टेडियम की जगह एक नए स्टेडियम का निर्माण शुरू हुआ। 300 मिलियन यूरो यानि कि लगभग 23 अरब 18 करोड़ 61 लाख रूपये की कीमत में बनकर तैयार हुए इस स्टेडियम का उद्घाटन 25 अक्टूबर 2012 को हुआ।

वैसे तो यह स्टेडियम मल्टीपरपज था लेकिन मुख्यतः इसे स्वीडिश नेशनल फुटबॉल टीम के नए घर के रूप बनाया गया था। इस स्टेडियम का पहला फुटबॉल मैच 15 नवंबर 2012 को खेला जाना तय किया गया। इस इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच में स्वीडिश नेशनल टीम को इंग्लैंड से खेलना था।

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स्वीडिश नेशनल टीम के कैप्टन ज़्लाटान इब्राहिमोविच तब फ्रेंच टीम पेरिस सेंट जर्मेन से खेलते थे। 31 साल के इब्राहिमोविच हाल ही में इटैलियन टीम AC मिलान में बेहतरीन सीजन बिताकर पेरिस आए थे। नए बने स्टेडियम में स्वीडिश टीम का पहला मैच था और सभी की फेवरेट इंग्लैंड ही थी।

हाल ही में हुए यूरो कप में भी इंग्लैंड ने स्वीडन को 3-2 से हराया था और लोगों को टीम से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी। मैच के लिए अरेना की पिच पर यूज होने वाली घास नीदरलैंड्स और जर्मनी बॉर्डर पर उगाई गई थी। इस घास को 24 लॉरीज पर लादकर लाया गया था और मैच के बाद इसे वापस भेजा जाना था।

इस मैच से इंग्लिश टीम के लगभग 6 प्लेयर्स को डेब्यू करना था। रहीम स्टर्लिंग, स्टीवन कॉलकर और लिओन ओस्मन का डेब्यू पक्का था जबकि मैनेजर रॉय हडसन ने कार्ल जेनकिंसन, रयान शॉक्रॉस और विल्फ्रेड ज़हा को भी उतारने के संकेत दिए थे।

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इंग्लैंड के कैप्टन स्टीवन जेरार्ड इस मैच से अपने इंटरनेशनल मैचों की सेंचुरी पूरी कर रहे थे। मैच से पहले इंग्लिश मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि इस मैच में सबकी निगाहें जेरार्ड, स्टर्लिंग, ओस्मन और ज़हा पर होंगी। मैच के लिए इंग्लिश फैंस काफी संख्या में फ्रेंड्स अरेना पहुंचे थे।

हडसन ने अपना वादा निभाया और इन छहों प्लेयर्स को इंटरनेशनल डेब्यू कराया जिसे ये हमेशा याद रखेंगे लेकिन एक चेतावनी के साथ- दोबारा ज़्लाटान का सामना नहीं करना है।

मैच शुरू हुआ और मैच के 20वें मिनट में ज़्लाटान ने स्कोर कर अपनी टीम को 1-0 की लीड दिला दी। शुरू से ही पजेशन डॉमिनेंट कर रहे इंग्लैंड के लिए मैदान के दाहिनी तरफ जॉनसन ने स्टर्लिंग को पास दिया जिसपर स्वीडिश डिफेंडर ने स्लाइड टैकल लगाकर बॉल छीन ली।

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यहां से निकली बॉल पहुंची रनेगी के पास जो उसे लेकर आगे बढ़े और तेजी से आगे निकले लेफ्ट बैक मार्टिन ओल्सन को थमा दी जिनका पास तेजी से दौड़कर बॉक्स में पहुंचे ज़्लाटान के पास गया और उनका पहला अटेम्प्ट तो कॉलकर ने ब्लॉक कर लिया लेकिन इब्रा ने तुरंत ही बॉल पर दोबारा हमला कर फ्रेंड्स अरेना में पहले गोलस्कोरर के रूप में अपना दर्ज करा लिया।

पहला गोल खाने के बाद इंग्लैंड ने जबरदस्त पलटवार किया और पहले मैच के 35वें मिनट में डैनी वेलबेक ने टीम को बराबरी दिलाई और फिर डेब्यूटेंट स्टीवन कॉलकर ने 38वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को 2-1 से आगे कर दिया। पहला हाफ खत्म होने के बाद इंग्लिश टीम 2-1 से आगे थी।

इंग्लैंड ने 1965 के बाद से स्वीडन को उनके घर में नहीं हराया था और पहले हाफ में 2-1 की लीड मिलने के बाद इंग्लिश फैंस का जोश सातवें आसमान पर था। उन्हें लगा कि वे आज एक नया इतिहास बनने के साक्षी बनेंगे। इस जोश में उन्होंने गलती कर दी। बहुत बड़ी गलती।

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उन्होंने 'ख़ुदा' को ललकार दिया। उन्होंने 'ख़ुदा' का मजाक बनाने की गुस्ताखी की और फिर 'ख़ुदा' ने उन्हें जो सजा दी उसे देखकर आज भी लोगों की आंखे चौंधिया जाती हैं। सेकेंड हाफ के लिए जब स्वीडिश टीम मैदान पर उतरी उस पल से लेकर मैच के 76वें मिनट यानि कुल 31 मिनट तक लगातार इंग्लिश फैंस ने स्वीडिश कैप्टन और स्वयंभू ख़ुदा ज़्लाटान का जमकर मज़ाक बनाया।

वे नारे लगातार रहे थे, 'You are Just a SH*T Andy Caroll' हर बीतते पल के साथ उनके नारों का शोर बढ़ते हुए फ्रेंड्स अरेना से निकलकर स्टॉकहोम सिटी सेंटर तक के इलाके को अपनी जद में ले चुका था। अपने शॉर्ट टेम्पर नेचर के लिए कुख्यात इब्राहिमोविच उनके नारों के जवाब में एक शब्द भी नहीं बोला। एकदम खामोश! जैसे तूफान आने से पहले चारों तरफ खामोशी फैल जाती है।

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मैच के 77वें मिनट में इब्राहिमोविच ने इंग्लिश फैंस के नारों को अपना पहला बूट दिखाया। लगभग 30-40 यार्ड से आई बॉल को पहले ज़्लाटान ने अपनी छाती पर रोका और फिर नीचे गिरती हुई बॉल पर करारा शॉट लगा स्कोर 2-2 कर दिया। इस गोल के लिए इब्रा की तेजी ने कुछ सेकेंड पहले मैदान पर आए डेब्यूटेंट रयान शॉक्रॉस को इंटरनेशनल फुटबॉल का पहला सबक दे दिया।

इस गोल के बाद थोड़े शांत हुए इंग्लिश फैंस को मैच के 84वें मिनट में एक और सदमा लगा जब ज़्लाटान ने बॉक्स से कुछ दूरी पर मिली फ्री किक को स्वीडिश फैंस के शोर के बीच गोल में पहुंचा दिया। ज़्लाटान की यह फ्री-किक काफी नीचे थी लेकिन इस शॉट में इब्रा ने इतनी पॉवर भर दी थी कि इंग्लिश गोलकीपर जो हार्ट पूरी कोशिश करने के बाद भी इसे नहीं रोक पाए।

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अब स्वीडन मैच में 3-2 से आगे था और इंग्लिश फैंस एकदम शांत। मैच के रेगुलर 90 मिनट का खेल खत्म होने तक स्वीडिश टीम अपनी लीड बचाए रखने में कामयाब रही। मैच के 91वें यानि कि इंजरी टाइम के पहले मिनट में ज़्लाटान ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि पूरी दुनिया दंग रह गई।

अपनी डी के पास से स्वीडिश डिफेंडर द्वारा क्लियर की गई बॉल इंग्लिश गोल की तरफ गई और इसे क्लियर करने के लिए इंग्लिश गोलकीपर जो हार्ट अपने बॉक्स से बाहर निकल आए। हार्ट ने बाहर निकलकर बॉल को अपने सर से क्लियर किया। इस बॉल पर तेजी से झपटे इब्राहिमोविच उन्हें हैडर लगाते देखकर तेजी से पलटे।

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भागकर मैदान के एक कोने में पहुंचे इब्राहिमोविच की पीठ गोल की तरफ थी, इब्राहिमोविच उल्टा उछले, बाइसिकल किक अटेम्प्ट की, जमीन से कुछ फीट ऊपर इब्राहिमोविच के पैर से टकराकर बॉल गोल की तरफ बढ़ी, जो हार्ट- जिन्होंने तुरंत ही बॉल क्लियर की थी वह और बॉक्स के अंदर खड़े दो इंग्लिश डिफेंडर्स में से एक गोल की तरफ वापस भागे लेकिन बॉल उन्हें पार करती हुई गोल में समा गई।






         
in 2012, Zlatan Ibrahimovic scored 4 goals against England including THAT overhead kick.

फिजिक्स के नियमों को धता बताकर लगाई गई यह किक सीधे जाकर गोल में गिरी थी और इसके बाद पूर्व इंग्लिश इंटरनेशनल और उस वक्त इस मैच की कॉमेंट्री कर रहे स्टैन कॉलिमोर की पहली प्रतिक्रिया कुछ इस तरह थी

देखें डब वीडियोः


ज़्लाटान ने इस मैच में चार गोल किए। इंग्लैंड के खिलाफ 1988 के बाद पहली बार किसी प्लेयर ने हैटट्रिक स्कोर की। इससे पहले यह कारनामा मार्को वान बस्टेन ने किया था।

Friday, 5 October 2018

6 बार गोल-गोल के शोर के साथ जिस्म में धंस गई 6 गोलियां लेकिन- जिंदगी यहां खत्म नहीं होती!

अगर आपको इतिहास, क्राइम, ड्रग्स के बारे में पढ़ना-सुनना-देखना अच्छा लगता है। आपके पास इंटरनेट है और आपको इंटरनेट पर समय बिताना अच्छा लगता है। आपके यार-दोस्तों के पास नेटफ्लिक्स का सब्सक्रिप्शन या टोरेंट की अवेलिबिलिटी है तो आपने पिछले ढाई सालों में कम से कम एक बार जरूर- पाब्लो एमीलियो एस्कोबार गवीरिया के बारे में सुना होगा।

जी हां, वही पाब्लो जिसने पूरे कोलंबिया को लगभग बंधक बना लिया था और जिसके पास इतने पैसे थे कि उसे खेतों और फॉर्म हाउसेज में दफनाकर रखने पड़ते थे। जो अपने सिकारियो (किलर्स) को पुलिसवालों की हत्या करने पर लाखों का ईनाम देता था।

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तस्वीरः पाब्लो एस्कोबार एक फुटबॉल मैच के बीच (दीजफुटबॉलटाइम्स)

वही पाब्लो जिसने हजारों लोगों की हत्या करवा दी और अरबों टन ड्रग्स से अमेरिका और पूरी दुनिया की ऐसी की तैसी कर दी। इतने खूंखार, दुर्दांत अपराधी को साल 1992 में मार दिया गया था, लेकिन अगर हम आपसे कहें कि साल 1994 में कुछ लोग ऐसे थे जिन्हें पाब्लो के मरने का अफसोस था।

ऐसे लोग हजारों की संख्या में थे जो कह रहे थे कि काश आज पाब्लो जिंदा होता। कोलंबिया और दुनिया के सबसे खतरनाक अपराधी को जिंदा देखने के पीछे लोगों का अपना स्वार्थ था। दरअसल उन्हें लगता था कि अगर पाब्लो एस्कोबार जिंदा होता तो आंद्रेस एस्कोबार की मौत ना हुई होती। अब आप सोच रहे होंगे कि ये आंद्रेस एस्कोबार कौन है और इसके जिंदा रहने में पाब्लो एस्कोबार का क्या रोल होता।

तो चलिए आपको ले चलते हैं आज से 24 साल पहले...

1 जुलाई 1994 की एक खूबसूरत शाम थी। कभी पाब्लो एस्कोबार का इलाका रहे मेडेइन के एल पाब्लादो इलाके में हाल ही में अमेरिका में हुए वर्ल्ड कप में खेलकर लौटा आंद्रेस एस्कोबार अपने फ्रेंड्स के साथ एक बार में पार्टी कर रहा था। वहां थोड़ा वक्त बिताने के बाद आंद्रेस अपने साथियों के साथ एक शराब की दुकान में गया और वहां उन्होंने शराब खरीदी।

इसके थोड़ी देर बाद वे सब एल इंडिओ नाइटक्लब में गए। वहां पार्टी करने के बाद सारे साथी एक-एक कर वहां से निकल गए। आंद्रेस वहीं रुका रहा और सुबह 3 बजे के करीब वह एल इंडिओ की पार्किंग में अपनी कार में अकेला था जब तीन लोग उसके पास पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचते ही उसके साथ बहस शुरू कर दी।

USA: World Cup 1994 - USA v Colombia

बहस के बीच ही तीन में से दो लोगों ने हैंडगन निकल ली। आंद्रेस को पॉइंट 38 कैलिबर की पिस्टल से 6 गोलियां मारी गईं। बाद में दावा किया गया कि गोली मारने वाला बंदा हर गोली के बाद जोर से चिल्लाया था- गोल! कातिल ने उतनी बार गोलियां मारीं और 'गोल' चिल्लाया जितनी बार 22 जून 1994 को 'उस गोल' के बाद साउथ अमेरिकी कॉमेंट्रेटर ने कहा था- गोल!

गोलियां मारने के बाद तीनों ही टोयोटा पिकअप ट्रक में बैठकर निकल गए और आंद्रेस वहीं पड़ा रहा.. अपने बहते खून से सना.. बिना किसी मदद के। कुछ देर बाद लोगों को पता चला तो वे उसे लेकर अस्पताल भागे जहां 45 मिनट बाद उस आंद्रेस एस्कोबार की मौत हो गई।

द जेंटलमेन के नाम से फेमस आंद्रेस एस्कोबार की अंतिम यात्रा में 120,000 लोग जमा हुए। इस अंतिम यात्रा में आए या फिर ना आ पाए, हर कोलंबियन का यही कहना था कि, 'काश पाब्लो एस्कोबार जिंदा होता।' दरअसल पाब्लो कोलंबियन नेशनल फुटबॉल टीम का जबरा फैन था और लोगों को लगता था कि उसके जिंदा रहते किसी की हिम्मत नहीं होती कि नेशनल टीम के किसी प्लेयर को हाथ भी लगा दे।

USA V COLOMBIA

अब आप सोच रहे होंगे कि 'उस गोल' का क्या किस्सा है जिसके चलते वर्ल्ड कप में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर चुके किसी फुटबॉलर को चंद दिनों बाद उसके ही देशवासियों ने मार दिया। तो चलिए आपको बताते हैं उस गोल की कहानी।

अमेरिका में हुए​ 1994 के वर्ल्ड कप में कोलंबिया अपना पहला ग्रुप मैच हार चुका था। 22 जून 1994 को दूसरे ग्रुप मैच में कोलंबिया के सामने थे होस्ट्स- यूनाइटेड स्टेट्स। 93 हजार से ज्यादा लोगों से भरे स्टेडियम में कोलंबिया की टीम अच्छा खेल रही थी लेकिन मैच के 35वें मिनट में अमेरिकी मिडफील्डर जॉन हार्क्स ने अपने साथी प्लेयर अर्नी स्टीवार्ट की तरफ एक लो क्रॉस खेला जिसे क्लियर करने के चक्कर में कोलंबियन डिफेंडर आंद्रेस एस्कोबार (द जेंटलमैन) बॉल को अपने ही जाल में उलझा बैठे।


इस गोल ने कोलंबियन फैंस को निराश करने साथ ही टीम की लय भी भटका दी और 90वें मिनट में सब्सिट्यूट अडोल्फो वलेंसिया के गोल करने से पहले कोलंबियन टीम 2-0 से पीछे थी। वलेंसिया का यह गोल सांत्वना गोल साबित हुआ और कोलंबिया ने मैच 2-1 से गंवा दिया।

इस हार ने कोलंबियन फैंस का दिल और ड्रग लॉर्ड सैंटियागो गलान का बैंक बैलेंस तोड़ डाला था। फैंस ने तो अपने गुस्से पर काबू कर लिया लेकिन गलान को सट्टेबाजी मे मिली इतनी बड़ी हार बर्दाश्त नहीं हुई और (ऐसा कहते हैं) एस्कोबार को मार दिया।

एस्कोबार की हत्या के दूसरे दिन यानि कि 2 जुलाई 1994 की रात को कोलंबियन ड्रग कार्टेल के बॉडीगार्ड्स में से एक हम्बर्टो कास्त्रो मुनोज़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुनोज़ ने अगले दिन एस्कोबार की हत्या का अपराध कबूल लिया। मुनोज़ गलान के ड्राइवर के रूप में भी काम करता था।

मुनोज को जून 1995 में एस्कोबार की हत्या का दोषी माना गया और कोर्ट ने उसे 43 साल के लिए जेल भेज दिया। 2001 में उसकी अपील के बाद सजा घटाकर 26 साल कर दी गई और लगभग अच्छे व्यवहार को देखते हुए 11 साल की सजा काटने के बाद मुनोज़ को साल 2005 में रिहा कर दिया गया।

World Cup 1998


साल 2009-10 में आई ESPN की एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज 30 For 30 में​ ESPN ने 'टू एस्कोबार्स' ब्रॉडकास्ट किया जिसमें इसके डायरेक्टर्स जेफ और माइकल ज़िम्बालिस्ट ने उस दौर में कोलंबिया के वर्ल्ड कप रन और एसोसिएशन फुटबॉल और देश के क्रिमिनल गैंग्स के बीच के रिश्ते पर पड़ताल की थी।
इसमें ज्यादा ध्यान मेडेइन कार्टेल पर था जिसे पाब्लो एस्कोबार चलाता था (पाब्लो का आंद्रेस से कोई रिश्ता नहीं था)। इस प्रोग्राम में कहा गया था कि अगर पाब्लो उस वक्त तक जिंदा होता तो गलान ब्रदर्स ने आंद्रेस को निशाना नहीं बनाया होता क्योंकि सभी जानते थे कि पाब्लो एस्कोबार कोलंबियन नेशनल टीम का बहुत बड़ा फैन था।

13 मार्च को आंद्रेस एस्कोबार का जन्मदिन होता है। फैंस आज भी उन्हें नहीं भूले हैं, खासतौर से एटलेटिको नैसिओनल (वह क्लब जिसके लिए एस्कोबार आखिरी बार खेले थे और जिसके बारे में कहा जाता है कि एक दौर में यह पाब्लो एस्कोबार का क्लब था।) के फैंस। उन्हें आंद्रेस के क्लीन टैकल्स के साथ एक और बात याद रहती है, वो लाइन जो आंद्रेस अक्सर कहते थे- 'जिंदगी यहां खत्म नहीं होती।'

Wednesday, 3 October 2018

We want to have fun, so stop firing your guns

8 अक्टूबर 2005, सूडान के एल मेरीख स्टेडियम के अवे ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल था। अफ्रीका के एक छोटे से देश आइवरी कोस्ट ने अभी थोड़ी ही देर पहले होम टीम को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप में खेलने की योग्यता हासिल की थी। साल 2006 के वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई करने के बाद टीम जश्न मना रही थी और इसी बीच कैप्टन साइरिल डोमोरौड ने प्रेस को ड्रेसिंग रूम में बुला लिया।

प्रेस के अंदर आने के बाद साइरिल ने उनसे माइक लेकर टीम के स्टार स्ट्राइकर दिदिएर द्रोग्बा को पकड़ा दिया और इसी के साथ द्रोग्बा आइवरी कोस्ट नेशनल टीवी पर लाइव थे। पूरी टीम द्रोग्बा के साथ खड़ी थी, प्लेयर्स एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर खड़े थे।

Chelsea v Sunderland - Premier League

द्रोग्बा ने बोलना शुरू किया, 'आइवरी कोस्ट के पुरुष और महिलाओं। उत्तर, दक्षिण, केंद्र और पश्चिम के लोगों, आज हमने प्रूव कर दिया कि सभी आइवरियन एक साथ रह सकते हैं और एक साथ खेल सकते हैं। एक लक्ष्य- 'वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई करना है' के लिए। हमने आपसे वादा किया था कि यह जश्न लोगों को एक करेगा। आज, हम आपसे भीख मांगते हैं, प्लीज- अपने घुटनों पर झुककर- माफ कर दो। माफ कर दो, माफ कर दो।

अफ्रीका का एक देश जिसके पास बहुत सारी संपदा है को ऐसे युद्ध में नहीं उतरना चाहिए। प्लीज, सारे हथियार रख दीजिए। चुनाव कराइए, सब ठीक हो जाएगा।' इतना बोलने के बाद सारे प्लेयर्स अपने पैरों पर खड़े हुए, चेहरों पर बड़ी सी मुस्कान के साथ उन्होंने गाना शुरू किया, 'हमें मजे करने हैं, इसलिए अपनी बंदूकों से गोली चलाना बंद करो। We want to have fun, so stop firing your guns.'


साल 2002 में शुरू हुए आइवरी कोस्ट के सिविल वॉर ने देश का बुरा हाल कर दिया था। हालात ये थे कि जो लोग इस बात का सबूत नहीं दे पा रहे थे कि उनके माता-पिता आइवरी कोस्ट में पैदा हुए थे उन्हें ऑफिशियल नेशनैलिटी से वंचित कर दिया जा रहा था। इस मैच के शुरू होने से पहले तक इस सिविल वॉर में लगभग 4000 लोग मारे जा चुके थे जबकि दस लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।

द्रोग्बा की इस स्पीच के बाद सिविल वॉर में शामिल सभी पक्षों ने युद्धविराम की घोषणा की और शांति के लिए बातचीत फिर से शुरू हुई। बातचीत धीरे-धीरे सही दिशा में गई और अंततः 4 मार्च 2007 को आइवरी कोस्ट का सिविल वॉर खत्म हुआ। द्रोग्बा फुटबॉल लेजेंड होने के साथ ही अपने देश और पूरे अफ्रीका में आइकॉन माने जाते हैं।

Chelsea's Ivorian forward Didier Drogba

द्रोग्बा ने साल 2009 के आखिर में पेप्सी के साथ एंडोर्समेंट डील साइन की थी जिसके लिए उन्हें 3 मिलियन पौंड की रकम मिली थी। यह रकम द्रोग्बा ने अपने होमटाउन में अस्पताल बनाने के लिए दान कर दी थी। यह काम द्रोग्बा की अपनी फाउंडेशन 'दिदिएर द्रोग्बा फाउंडेशन' के जरिए हुआ था।

द्रोग्बा के क्लब चेल्सी ने भी डील में मिली रकम को दिदिएर द्रोग्बा फाउंडेशन को दान करने की घोषणा की थी। आइवरी की राजधानी एबिद्जान के हॉस्पिटल्स के दौरे के बाद द्रोग्बा ने तय किया था कि वह वहां पर एक अस्पताल बनाएंगे।

Ivorian forward Didier Drogba (L) is con
इस बारे में द्रोग्बा ने कहा, 'मैंने तय किया कि फाउंडेशन का पहला प्रोजेक्ट एक अस्पताल का निर्माण और फंडिंग होना चाहिए जिससे लोगों को बेसिक हेल्थकेयर और जिंदा रहने का मौका मिले।'

नवंबर 2014 में द्रोग्बा फीफा की '11 अगेंस्ट इबोला' कैम्पेन में भी दिखे थे। इसमें उनके साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार, गारेथ बेल और ज़ावी जैसे फुटबॉलर्स भी थे। इसका स्लोगन था, 'एक साथ मिलकर हम इबोला को हरा सकते हैं।'

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कुछ सोर्सेज का दावा है कि द्रोग्बा ने पांच साल की उम्र में आइवरी कोस्ट छोड़ दिया था। कहते हैं कि उनका परिवार बेहद गरीब था और उन्हें फ्रांस में उनके अंकल के पास भेज दिया गया था जो कि प्रोफेशनल फुटबॉलर थे और उन्हीं के जरिए द्रोग्बा का फुटबॉल से पहला परिचय हुआ था। 11 मार्च 1978 को आइवरी कोस्ट में पैदा हुए द्रोग्बा प्रीमियर लीग क्लब चेल्सी के साथ काफी सफल रहे हैं।

द्रोग्बा प्रीमियर लीग में 100 या उससे ज्यादा गोल दागने वाले पहले अफ्रीकी प्लेयर हैं। द्रोग्बा अभी भी चेल्सी के टॉप गोलस्कोरर्स की लिस्ट में चौथे नंबर पर आते हैं। 40 साल के द्रोग्बा अभी अमेरिका की फुटबॉल लीग के सेकंड टियर में फीनिक्स राइजिंग FC के लिए खेलते हैं और वह टीम के को-ऑनर भी हैं। हाल ही में उन्होंने कहा है कि यह प्रोफेशनल फुटबॉलर के रूप में उनका आखिरी सीजन होगा।