Monday, 23 February 2015

सॉरी

सॉरी पापा मैं गलत था, आप हमेशा सही कहते थे, काश मैंने आपकी बात मान ली होती। लेकिन अब क्या हो सकता है? अब तो मैं इतना आगे निकल आया हूं कि वापस लौट नहीं सकता और आगे जाने की अब ना तो हिम्मत है और ना ही हौंसला। चार साल की इस यात्रा में मीडिया ने इतने दर्द दिये हैं जिसकी बात सोचकर अब तो रोना भी नहीं आता, क्योंकि इस पेशे में ज़ज्बातों के लिये कोई जगह नहीं है। और वैसे भी अगर मैं असफलता से डर कर रोने बैठ गया तो मुझे खुदको आपका बेटा कहने का कोई हक नहीं है। मुझे आज भी याद हैं आपके वो संघर्ष भरे दिन जब आप हमारे बेहतर भविष्य के लिये खाने सोने की परवाह किए बिना दिन-रात काम करते थे, इस उम्मीद में कि जल्द ही मैं बड़ा होकर आपका सहारा बनूंगा। लेकिन अफसोस बड़ा होकर आपका सहारा बनने के बजाय मैंने आपको और ज्यादा संघर्ष करने के लिये मजबूर कर दिया। जिस वक्त आपको मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी उस वक्त मैंने सिर्फ अपने लिेये सोचते हुये आपका सहारा बनने के बजाय नीरज का भी भविष्य दांव पर लगाते हुये आपको और ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर कर दिया। सॉरी पापा आप सही कहते थे मैं ना तो अच्छा बेटा हूं और ना ही अच्छा इंसान। रही बात टैलेंटेड होने की तो वो घमंड भी पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। जिस लेखनी के दम पर मैं 2 साल से हर किसी को चैलेंज करता आ रहा था, वो इतनी घटिया है इसका अंदाजा भी नहीं था मुझे। सॉरी पापा मैंने आपकी मेहनत के लाखों रुपये ऐसे ही उड़ा दिये। मुझे पता है पापा आप बहुत दिनों से नई कार लेने की सोच रहे हैं लेकिन मेरी पढ़ाई की वजह से आप बस सोच ही पा रहे हैं। सॉरी नीरज मेरी वजह से तुम्हारे बहुत से सपने अधूरे ही रह गये। स़़ॉरी अंकल मैं आपका आदर्श बेटा नहीं बन पाया। सॉरी मम्मी मेरी वजह से आपने पापा से बहुत बार लड़ाई की, लेकिन आपकी उस लड़ाई के बदले में मैं आपको गर्व का एक क्षण भी नहीं दे पाया। सॉरी दोस्त मैं तुम्हारे भरोसे पर बिल्कुल भी खरा नहीं उतर पाया। स़़ॉरी वरुण सर अब मैं आपका फेवरेट स्टूडेंट कहलाने के लायक नहीं रहा।
"सॉरी"

2 comments:

  1. aisa tumhe lagta hai...lekin mujhe nhai..mujhe tumpe abhi bhi utna hi bharosa hai jitna pehle tha or humesha rahega qki me ko pata hai YOU ARE BEST..

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  2. भरोसा बनाये रखने के लिए धन्यवाद दोस्त, लेकिन मैं बेस्ट नहीं हूं। मुझसे बेहतर लोग भी हैं।।

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