Sunday, 16 November 2014

सच्चा व्यंग्य

प्यारे साथियों अगर आप मुझे वोट देते हैं तो मैं जीतने के बाद सबसे पहला काम ये करुंगा कि कोई प्यासा ना सोये..। मतलब कि दारू फ्री..। दूसरा काम ये होगा कि लड़कियां छेड़ने का जो काम सिर्फ मेरे चेले करते आ रहे हैं, उस पर से उनका अधिपत्य हटाते हुये 60 फीसदी आरक्षण का प्रावधान करुंगा जिससे कोई भी नौजवान हीनभावना का शिकार ना हो..। नेताजी बोलते जा रहे थे और जनता मंत्रमुग्ध होकर उन्हें सुन रही थी..। नेताजी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुये कहा कि ये जो टूटी सड़कें आप देख रहे हैं उनका भी कायाकल्प जल्द ये जल्द कराते हुयें उन्हें जुतवाकर उनमें खेती कराने का प्रावधान लागू करायेंगे क्योंकि भूखे सोने वाले आदमी को सड़क से ज्य़ादा रोटी की जरूरत होती है..। बिजली की किल्लत से आप लोग बराबर परेशान रहते हैं तो मित्रों आप को इस परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिये कृतसंकल्पित आपका ये नेता सबके सामने घोषणा करता है कि अब से बिजली आपसे आंख मिचौली खेलने के लायक ही नहीं रह जायेगी..। मैं अपने क्षेत्रवासियों को बिजली की गुलामी से आजाद करते हुये सारे खंभे और तार नोचकर फिंकवाने का प्रबंध जीतते ही करुंगा..। बिना पानी के ट्यूबवेल का क्या काम सो मैं सारे सरकारी ट्यूबवेल भी बंद कराने का जुगाड़ कर ही लूंगा..। गुंडों और पुलिस की गुंडागर्दी से परेशान लोगों की समस्या का भी निदान है मेरे पास..। मैं सारे पुलिसवालों को भगाकर उनकी जगह गुंडों की भर्ती की भी अनुशंसा करुंगा जिससे पुलिस की गुंडागर्दी तो खत्म होगी ही और जब गुंडे ही पुलिस बन जायेंगे तो उनकी भी गुंडागर्दी खत्म ही समझो..। नेताजी अपने फ्लो में बोलते जा रहे थे और पब्लिक ने धड़ाधड़ तालियां बजाते हुये नेताजी जिंदाबाद के नारे लगा लगा कर माहौल को गुंजायमान बनाये रखा था..। सभा की समाप्ति पर नेताजी ने लोगों से एकबार फिर खुदको जिताने का वचन लेते हुये अपनी एंडेवर और फॉर्च्यूनर गाड़ियों के काफिले को धूल उड़ाने की आज्ञा सुना दी...।

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